एक नफ़रत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़
मोहब्बत भी सकूँ वालों को बड़ी तकलीफ़ देती है

दुनिया को नफ़रत का यकीन नहीं दिलाना पड़ता
मगर लोग मोहब्बत का सबूत ज़रूर माँगते हैं

पहले इश्क़ फिर दर्द फिर बेहद नफ़रत
बड़ी तरकीब से तबाह किया तुमने मुझको

हमारी अदा पे तो नफ़रत करने वाले भी फ़िदा हैं
तो फिर सोच प्यार करनेवालों का किया हाल होता होगा

नफ़रत करने की दवा बता दो यारो
वरना मेरी मौत की वजह मेरा प्यार ही होगा

नफ़रतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली
जिंदगी बीत गई मगर राहत न मिली
तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा
एक मैं था जिसे हँसने की इज़ाज़त न मिली

सनम तेरी नफ़रत में वो दम नहीं
जो मेरी चाहत को मिटा दे
ये मोहब्बत है कोई खेल नहीं
जो आज हँस के खेला और कल रोकर भुला दे

नफरत शायरी

नाराज़गी डर नफरत या फिर प्यार
कुछ तो जरूर है जो तुम मुझसे दूर-दूर रहते हो

मैं अकेला वारिस हूँ तेरी तमाम नफ़रतों का ऐ मेरी जान
और तू सारे शहर में प्यार बाँटती फिर रही है

प्यार करता हूँ इसलिए फ़िक्र करता हूँ
नफ़रत करूंगा तो ज़िक्र भी नहीं करूंगा

कर लूँ एक बार तेरा दीदार जी भर के मेरे दोस्त
मेरी मोहब्बत और तेरी नफ़रत के बीच का फ़ासला खत्म हो जाएगा

नफ़रत है मुझे आज जालिम तेरे उस रुखसार से
जिसे देखकर मैं अकसर दीवाना हुआ करता था

Hate shayari in hindi

ये मेरे दिल की जिद है की प्यार करूँ तो सिर्फ तुमसे करूँ
वरना तुम्हारी जो फितरत है वो नफ़रत के भी काबिल नहीं

मोहब्बत करने से फ़ुरसत नहीं मिली यारो
वरना हम करके बताते नफ़रत किसको कहते हैं

वो इनकार करते हैं इक़रार के लिए
नफ़रत भी करते हैं तो प्यार करने के लिए
उल्टी चाल चलते हैं ये इश्क़ करनेवाले
आँखें बंद करते हैं दीदार के लिए

अजीब सी आदत और गज़ब की फितरत है मेरी
मोहब्बत हो या नफ़रत बहुत शिद्दत से करता हूँ

मुझे नफ़रत है इस मोहब्बत के नाम से
क्यों बिना कसूर तड़पा-तड़पाकर मारा है मुझे

अदावत तो है अपनी नफ़रतों के रहनुमाओं से
जो दिल में दे जगह उससे भला क्यों न सुलह कर लें

मैं काबिले नफ़रत हूँ तो छोड़ दे मुझको
तू मुझसे यों दिखावे की मोहब्बत न किया कर

नफ़रत मत करना मुझसे बुरा लगेगा
बस एक बार प्यार से कह देना अब तेरी ज़रूरत नहीं

न मेरा प्यार कम हुआ न उनकी नफ़रत
अपना अपना फर्ज था दोनों अदा कर गए

ये तेरी हल्की सी नफ़रत और थोड़ा सा इश्क़
यह तो बता ये मज़ा-ए-इश्क़ है या सज़ा-ए-इश्क

Hate shayari in hindi girlfriend & boyfriend

मोहब्बत में मेरे जज़्बात से तो खूब खेली तू
मेरे इश्क़ को नफ़रत के तराजू में तौलकर बेच डाली

मुझे नफ़रत सी हो गई है अपनी जिंदगी से
और तू ज़्यादा खुश न हो क्योंकि तू ही मेरी जिंदगी है

प्यार में बेवफ़ाई मिले तो ग़म न करना
अपनी आँखें किसी के लिए नम न करना
वो चाहे लाख नफ़रते करें तुमसे
पर तुम अपना प्यार कभी उसके लिए कम न करना

प्यार करना सिखा है नफरतों की कोई जगह नहीं
बस तू ही तू है इस दिल में दूसरा कोई और नहीं

तुम्हारी नफ़रत पर भी लुटा दी जिंदगी हमने
सोचो अगर तुम मुहब्बत करते तो हम क्या करते

अब हम तो नए नफरत करनेवाले तलाशा करते हैं
क्योंकि पुराने वाले तो अब हमसे मोहब्बत किया करते हैं

नफ़रत हो गई मुझे
एक मोहब्बत लफ़्ज़ से

Hate love shayari

नफ़रत करना तो सीखा ही नहीं साहब
हमने दर्द को भी चाहा है अपना समझकर

ज़्यादा कुछ नहीं बदला उसके और मेरे बीच में
पहले नफ़रत नहीं थी और अब प्यार नहीं है

इश्क़ करें या नफ़रत इजाज़त है उन्हें
हमें इश्क़ से अपने कोई शिकायत नहीं

कुछ दगाबाज़ी हम भी तेरे ऐतबार से करेंगे
तुझसे नफ़रत भी ज़ालिम जरा प्यार से करेंगे

मुझसे नफरत करनी है तो इरादे मज़बूत रखना
जरा से भी चूके तो मोहब्बत हो जाएगी

हक़ से दो तो तुम्हारी नफ़रत भी कबूल हमें
खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

कभी उसने भी हमें चाहत का पैग़ाम लिखा था
सबकुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था
सुना है आज उनको हमारे ज़िक्र से भी नफ़रत है
जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था

देख के हमको वो सर झुकाते हैं
बुलाकर महफ़िल में नज़रें चुराते हैं
नफ़रत है तो कह देते हमसे
ग़ैरों से मिलकर क्यों दिल जलाते हैं

नफ़रत तेरी बुलंदियों पे थी
फिर भी तुझे चाहा था
ए सनम तूने ही आवाज न लगाई
हमने तो तुझे हर लम्हे में पुकारा था

नफ़रत को हम प्यार देते हैं प्यार पे खुशियाँ वार देते हैं
बहुत सोच समझकर हमसे कोई वादा करना ऐ दोस्त
हम वादे पर जिंदगी गुज़ार देते हैं

काश कि दिल पर अपना अख्तियार होता
न नफ़रत होती न प्यार होता

नफरत हमने सीखी नहीं कभी दिल से
हम तो बस मोहब्बत ही रखते हैं हर किसी से

प्यार एहसान नफ़रत दुश्मनी जो चाहो वो मुझसे कर लो
आपकी कसम वही दुगुना मिलेगा

तेरी जुदाई में और तो कुछ न हो सका
बस मोहब्बत से नफ़रत हो गई

देखकर उसको तेरा यो पलट जाना
नफ़रत बता रही है तूने गज़ब की मोहब्बत की

तूने जिंदगी को मेरी इस क़दर कुछ यों मोड़ा है
कि अब मोहब्बत भी नफ़रत भी दोनों थोड़ा थोड़ा हैं

मत रख इतनी नफ़रतें अपने दिल में ए इनसान
जिस दिल में नफ़रत होती है उस दिल में रब नहीं बसता

उनकी नफ़रत बता रही है
हमारी मोहब्बत गज़ब की थी

गुज़रे है आज इश्क़ के उस मुकाम से
नफ़रत सी हो गई है मोहब्बत के नाम से

सुनो न बेहद गुस्सा करते हो आजकल
नफ़रत करने लगे हो या इश्क़ ज़्यादा हो गया

नफ़रत करना है तो इस क़दर करना
के हम दुनिया से चले जाए पर तेरी आँख में आंशु न आए