दुनिया का उसूल है जब तक काम है
तब तक नाम है वरना दूर से ही सलाम है

दुःख दर्द ग़म आँसू और फ़रियाद है
पता नहीं इस दुनिया में कितने लोग आज़ाद हैं

ऐ दिल तू क्यों रोता है
ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है

ग़म में भी मुसकराना पड़ता है
ये दुनिया है यहाँ दर्द को भी छुपाना पड़ता है

दुनिया के लोग मंदिरों मसजिदों में माँगते मन्नत हैं
जो खुद को पहचान लिया उसके लिए ये धरती ही जन्नत है

दिल की दुनिया को ख़ामोश मत रखना
तकलीफ़ होगी पर हमेशा सच ही कहना

जो चाहो वहीं नहीं मिलता है
बाकी इस दुनिया में सबकुछ मिलता है

ऐसे भी मोहब्बत की सज़ा देती है दुनिया
मर जाएँ तो जीने की दुआ देती है दुनिया

मतलब की दुनिया में कौन किसी का होता है
धोखा वहीं देता है भरोसा जिस पर होता है

जब से देखी है हमने दुनिया करीब से
लगने लगे हैं सारे रिश्ते अजीब से

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे
होता है शबओरोज़ तमाशा मिरे आगे

ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो
नश्शा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें

भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली

दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है
मिल जाए तो मिट्टी है खो जाए तो सोना है

नहीं दुनिया को जब परवाह हमारी
तो फिर
दुनिया की परवाह क्यों करें हम

दाएम आबाद रहेगी दुनिया
हम न होंगे कोई हम सा होगा

आज भी बुरी क्या है कल भी ये बुरी क्या थी
इसका नाम दुनिया है ये बदलती रहती है

बदल रहे हैं ज़माने के रंग क्या-क्या देख
नज़र उठा कि ये दुनिया है देखने के लिए

चले तो पाँव के नीचे कुचल गई कोई शय
नशे की झोंक में देखा नहीं कि दुनिया है

दुनिया है सँभल के दिल लगाना
यहाँ लोग अजब अजब मिलेंगे

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ

दुनिया ने तजरबात ओ हवादिस की शक्ल में
जो कुछ मुझे दिया है वो लौटा रहा हूँ मैं

गाँव की आँख से बस्ती की नज़र से देखा
एक ही रंग है दुनिया को जिधर से देखा

बदल रहे हैं ज़माने के रंग क्या-क्या देख
नज़र उठा कि ये दुनिया है देखने के लिए

एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया
एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ
बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल जिंदगानी फिर कहाँ
जिंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ

सच बोल तो रहा हूँ मगर यह भी है पता
दुनिया में इसके बाद अकेला रहूँगा मैं

दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूँ या रब
क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो

घर के बाहर ढूँढ़ता रहता हूँ दुनिया
घर के अंदर दुनियादारी रहती है

दुनिया ने तजरबात ओ हवादिस की शक्ल में
जो कुछ मुझे दिया है वो लौटा रहा हूँ मैं

बेहतर तो है यही कि न दुनिया से दिल लगे पर क्या करें जो काम न बेदिल लगी चले

दुनिया बदल रही है ज़माने के साथ-साथ
अब रोज़-रोज़ देखने वाला कहाँ से लाएँ

जाते जाते दुनिया से ये काम कर गए
हम मरते-मरते ये दिल आपके नाम कर गए

दुनिया की बातों का हम ऐतबार नहीं करते हैं
जमीर का सौदा करके हम प्यार नहीं करते हैं

तुम्हारी हर अदा पर नज़र रखते हैं
मोहब्बत की दुनिया का हम भी खबर रखते हैं

ग़म-ए-हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई
चले भी आओ कि दुनिया से जा रहा है कोई

इश्क़ के सिवा कुछ भी नहीं है इस दुनिया में
कमबख़्त पता तब चल जब मेरा दिल टूटा

किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए
जमाना गुज़रा है अपना खयाल आए हुए

जब दिल की दुनिया बरबाद होती है
तब इश्क़ के कर्ज से रूह आबाद होती है

New duniya Shayari

मीठे बोल बोलकर खूबसूरत रिश्तें बनाना है
क्योंकि इक दिन इस दुनिया को छोड़ के जाना है

पूरी दुनिया देखती ख़्वाब महलों की
और जो महलों में है उन्हें नींद नहीं आती है

प्यार वो नहीं जो दुनिया को दिखाया जाए
बल्कि वो हैं जो दिल से निभाया जाए

दुनिया का यह दस्तूर मुझे जरा भी नहीं भाता है
जख्म उसको मिलता है जिसे सहना आता है

सूरत देखकर लोग अंदाजा लगाते है
इसलिए दुनिया को सीरत का पता नहीं चलता है

मतलबी दुनिया से मेरा एक सवाल है
कोई बता दे वफ़ा करनेवालों का क्या हाल है

ये दुनिया जज़्बातों को तराजू पर तोलती है
जेब में पैसा हो तो बातें बड़ी मीठी-मीठी बोलती है

जहर देकर वो दुनिया की नज़रों में नहीं आया
मगर किस वक़्त दवा लेनी है ये नहीं बताया

दुनिया की निगाहों में बुरा क्या है भला क्या
ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा

सिर्फ़ ख़्वाबों से गुज़ारा नहीं होता है
इस दुनिया में कोई किसी का सहारा नहीं होता है

ज़ालिम दुनिया में ज़रा सँभलकर रहना मेरे यार
यहाँ पलकों पे बिठाया जाता हैं नज़रों से गिराने के लिए

बड़े शौक से ग़म को सुनती है ये दुनिया
कोई ग़म में हो तो मुँह फेर लेती है ये दुनिया

इस दुनिया में हर चेहरे पर नक़ाब है
शायद इसलिए पूरे होते नहीं ख़्वाब है

फिर इस दुनिया से उम्मीद-ए-वफ़ा है
तुझे ऐ जिंदगी क्या हो गया है

खुश बहुत हूँ कि दिल दुःखा है मेरा
ये दुनिया किसी की नहीं क्या होगा ये तेरा

ऐ ख़ुदा मुझे अपनी पनाह में ले
अब मुझे दुनिया का जंजाल न दे

मतलबी दुनिया में मतलब एक अफ़साने हैं
जरूरत पड़े तो लोगों के पास सिर्फ बहाने हैं

इस दुनिया में अजीब सा मेला है
हर कोई महसूस करता अकेला है